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प्रेगनेंसी में यीस्ट इन्फेक्शन: लक्षण और इलाज

प्रेगनेंसी में खुजली, जलन और गाढ़ा सफेद पानी? जानें यीस्ट इन्फेक्शन (कैंडिडा) क्यों होता है, इसका सुरक्षित इलाज क्या है और डॉक्टर को कब दिखाएँ।

Mama Ai टीम

अपडेट किया 29 जून 2026 8 मिनट पढ़ना
प्रेगनेंसी में यीस्ट इन्फेक्शन: लक्षण और इलाज

प्रेगनेंसी के दौरान खुजली, जलन और गाढ़ा सफेद डिस्चार्ज कई होने वाली माँओं को परेशान करता है। ज़्यादातर मामलों में इसकी वजह होती है प्रेगनेंसी में यीस्ट इन्फेक्शन (वजाइनल कैंडिडिआसिस): परेशान करने वाली, लेकिन अधिकतर मामलों में पूरी तरह हानिरहित स्थिति। यह गर्भावस्था की एक आम साथी है और लगभग हमेशा इसे आसानी से और सुरक्षित रूप से ठीक किया जा सकता है। आइए आराम से समझते हैं कि यह क्यों होता है, इसे सामान्य डिस्चार्ज और दूसरे इन्फेक्शन से कैसे पहचानें, और बिना शिशु को नुकसान पहुँचाए प्रेगनेंसी में यीस्ट इन्फेक्शन का इलाज कैसे करें।

यीस्ट इन्फेक्शन क्या है और प्रेगनेंसी में यह ज़्यादा क्यों होता है

यीस्ट इन्फेक्शन यानी कैंडिडा नाम के यीस्ट (फंगस) का बढ़ जाना, जो थोड़ी मात्रा में लगभग हर महिला की वजाइना में पहले से मौजूद रहता है। आम तौर पर अच्छे बैक्टीरिया (लैक्टोबैसिलाई) और वजाइना का अम्लीय वातावरण इसकी बढ़त को रोके रखते हैं। जब यह संतुलन बिगड़ता है, तो फंगस तेज़ी से बढ़ने लगता है — और जाने-पहचाने लक्षण दिखने लगते हैं। यह न तो यौन संचारित संक्रमण (STI) है और न ही गंदगी या साफ़-सफ़ाई की कमी की निशानी।

प्रेगनेंसी में जोखिम ज़्यादा क्यों होता है

गर्भावस्था कैंडिडा के लिए लगभग आदर्श हालात बना देती है — यह आपके शरीर की एक स्वाभाविक प्रतिक्रिया है, आपकी कोई गलती नहीं। मुख्य कारण ये हैं:

  • हार्मोन। एस्ट्रोजन का बढ़ा हुआ स्तर वजाइना की परत में ज़्यादा ग्लाइकोजन (शुगर) जमा कर देता है — और यही फंगस का भोजन है।
  • pH (अम्लता) में बदलाव। वजाइना का वातावरण बदलता है और फंगस के लिए बढ़ना आसान हो जाता है।
  • इम्यूनिटी में स्वाभाविक बदलाव। गर्भावस्था में शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता धीरे-धीरे इस तरह ढल जाती है कि शरीर शिशु को स्वीकार कर सके — और फंगस को रोकना थोड़ा मुश्किल हो जाता है।
  • ब्लड शुगर का घटना-बढ़ना। ग्लूकोज़ का ऊँचा स्तर (जैसे जेस्टेशनल डायबिटीज़ में) भी कैंडिडा की बढ़त को बढ़ावा देता है।

इन्हीं वजहों से होने वाली माँओं को यीस्ट इन्फेक्शन अक्सर हो जाता है — कई बार तो एक ही प्रेगनेंसी में एक से ज़्यादा बार। अगर ऐसा आपके साथ हुआ है, तो आप अकेली नहीं हैं और आप कुछ भी ‘गलत’ नहीं कर रही हैं।

प्रेगनेंसी में यीस्ट इन्फेक्शन के लक्षण

लक्षण वही होते हैं जो प्रेगनेंसी के बिना होते हैं, लेकिन इस दौरान ऊतकों (टिशू) की संवेदनशीलता बढ़ने से ये ज़्यादा महसूस हो सकते हैं। आम तौर पर ये होते हैं:

  • गाढ़ा सफेद डिस्चार्ज, जो पनीर या फटे दूध जैसा दिखता है, आम तौर पर बिना तेज़ गंध के;
  • वजाइना और बाहरी जननांगों में खुजली और जलन;
  • वजाइना के मुँह के आसपास लालिमा, सूजन और त्वचा में जलन;
  • पेशाब करते समय असहजता या जलन (पेशाब सूजी हुई त्वचा को छेड़ता है);
  • सेक्स के दौरान दर्द या असहजता।

लक्षण बहुत हल्के भी हो सकते हैं और काफ़ी साफ़ भी। एक-दो लक्षणों का होना ही पक्का निदान नहीं है — यीस्ट इन्फेक्शन की पुष्टि डॉक्टर ही ठीक से कर सकते हैं।

यीस्ट इन्फेक्शन को सामान्य डिस्चार्ज और दूसरे इन्फेक्शन से कैसे पहचानें

प्रेगनेंसी के दौरान डिस्चार्ज का स्वाभाविक रूप से बढ़ जाना सामान्य है। पारदर्शी या दूधिया-सफेद, बिना खुजली, दर्द और तेज़ गंध वाला डिस्चार्ज अक्सर चिंता की बात नहीं होता। शुरुआती दिनों में प्रेगनेंसी में सफेद पानी (डिस्चार्ज) कब सामान्य माना जाता है, इस पर हमने अलग से विस्तार से बताया है। यीस्ट इन्फेक्शन की पहचान सिर्फ़ डिस्चार्ज बढ़ने से नहीं, बल्कि खुजली, जलन और पनीर जैसी गाढ़ी बनावट से होती है।

यह कब यीस्ट इन्फेक्शन नहीं हो सकता

मिलती-जुलती शिकायतें दूसरी स्थितियों में भी होती हैं, जिनका इलाज बिल्कुल अलग होता है — इसीलिए ‘अंदाज़े से’ खुद इलाज करना जोखिम भरा है:

  • बैक्टीरियल वेजिनोसिस: पतला, भूरा-सफेद डिस्चार्ज जिसमें मछली जैसी अप्रिय गंध होती है; खुजली आम तौर पर हल्की या नहीं होती।
  • ट्राइकोमोनिएसिस और दूसरे यौन संक्रमण: पीला-हरा, कभी-कभी झागदार डिस्चार्ज, गंध और तेज़ जलन-खुजली।
  • मूत्र मार्ग का संक्रमण (UTI): पेशाब में जलन और चुभन, पर पनीर जैसा गाढ़ा डिस्चार्ज नहीं।

इसीलिए प्रेगनेंसी में पहली बार ऐसा होने पर, शक होने पर, या गंध और असामान्य रंग वाले डिस्चार्ज होने पर खुद इलाज शुरू करने के बजाय डॉक्टर को दिखाकर निदान की पुष्टि करना ज़रूरी है।

प्रेगनेंसी में यीस्ट इन्फेक्शन का इलाज कैसे करें

अच्छी खबर यह है: यीस्ट इन्फेक्शन का इलाज अच्छी तरह हो जाता है, और कुछ ऐसी दवाएँ हैं जिन्हें प्रेगनेंसी में सुरक्षित माना जाता है। लेकिन इस दौरान कोई भी दवा — यहाँ तक कि बिना पर्ची वाली आम दवाएँ भी — डॉक्टर या फ़ार्मासिस्ट से पूछकर ही लें।

लोकल इलाज: वजाइनल टैबलेट और क्रीम — पहली पसंद

प्रेगनेंसी में आम तौर पर लोकल एंटीफंगल दवाएँ दी जाती हैं — क्लोट्रिमाज़ोल या माइकोनाज़ोल वाली वजाइनल टैबलेट (पेसरी) और क्रीम। ये वही ‘यीस्ट इन्फेक्शन की दवाएँ’ हैं जो सीधे प्रभावित जगह पर काम करती हैं और खून में लगभग नहीं पहुँचतीं, इसलिए शिशु के लिए सुरक्षित मानी जाती हैं। कुछ ज़रूरी बातें:

  • प्रेगनेंसी में इलाज का कोर्स अक्सर सामान्य से लंबा (जैसे एक दिन के बजाय 7 दिन) किया जाता है, क्योंकि इस दौरान यीस्ट इन्फेक्शन उतनी जल्दी नहीं जाता;
  • बाहरी क्रीम त्वचा की खुजली और जलन कम करने में मदद करती है, जबकि वजाइनल टैबलेट अंदर काम करती है;
  • टैबलेट को धीरे और सावधानी से अंदर डालें, और दवा (जैसे क्लोट्रिमाज़ोल) चुनते समय डॉक्टर से पूछ लें कि वह आपके मौजूदा महीने/तिमाही के लिए सही है या नहीं।

खाने वाली गोलियाँ: फ्लुकोनाज़ोल आम तौर पर क्यों नहीं दी जाती

मुँह से खाने वाली यीस्ट इन्फेक्शन की गोलियाँ (अक्सर फ्लुकोनाज़ोल) प्रेगनेंसी के दौरान आम तौर पर न देने की कोशिश की जाती है — खासकर ज़्यादा खुराक में और पहली तिमाही में। इसलिए प्रेगनेंसी में लोकल इलाज को प्राथमिकता दी जाती है, और गोलियों पर सिर्फ़ कुछ ख़ास मामलों में और केवल डॉक्टर के बताने पर विचार किया जाता है। ऐसी गोलियाँ खुद से न खरीदें, भले ही पहले इनसे फ़ायदा हुआ हो: प्रेगनेंसी के बाहर और इसके दौरान इलाज का तरीका अलग होता है।

क्या यीस्ट इन्फेक्शन का शिशु पर असर पड़ेगा

यीस्ट इन्फेक्शन खुद आम तौर पर शिशु को नुकसान नहीं पहुँचाता और न ही गर्भावस्था में कोई बाधा डालता है — यह सबसे पहले आपके आराम का सवाल है। कभी-कभार डिलीवरी के दौरान फंगस नवजात को लग जाता है: यह नवजात शिशु में यीस्ट इन्फेक्शन के रूप में दिखता है — मुँह में सफेद परत (ओरल थ्रश) या त्वचा पर जलन। यह स्थिति ख़तरनाक नहीं होती और आसानी से ठीक हो जाती है। इसलिए डिलीवरी से पहले यीस्ट इन्फेक्शन का इलाज करा लेना समझदारी है, और इस बारे में डॉक्टर से आराम से बात करनी चाहिए।

बचाव: जोखिम कैसे कम करें

यीस्ट इन्फेक्शन से पूरी तरह बचना तो मुमकिन नहीं, लेकिन कुछ आसान आदतें इसके होने की संभावना घटाती हैं और तकलीफ़ कम करती हैं:

Flat-lay of soft cotton underwear, a folded towel and a cotton tee on a linen surface
  • सूती (कॉटन) अंडरवियर और ढीले, हवादार कपड़े पहनें — सिंथेटिक और टाइट कपड़े गर्मी और नमी बनाते हैं, जो फंगस को पसंद है;
  • डूशिंग, खुशबूदार साबुन, जेल और इंटिमेट स्प्रे से बचें — ये वजाइना का प्राकृतिक संतुलन बिगाड़ देते हैं;
  • शौच के बाद आगे से पीछे की ओर पोंछें;
  • ज़्यादा देर गीले में न रहें — नहाने, स्विमिंग या वर्कआउट के बाद कपड़े बदल लें;
  • ब्लड शुगर पर ध्यान रखें; इसमें संतुलित प्रेगनेंसी में खान-पान और जेस्टेशनल डायबिटीज़ (अगर हो) का नियंत्रण मदद करता है।

डॉक्टर को कब दिखाएँ

डॉक्टर या नर्स-मिडवाइफ़ से मिलें, अगर:

  • लक्षण प्रेगनेंसी में पहली बार दिखे हों — यह पुष्टि करना ज़रूरी है कि यह सचमुच यीस्ट इन्फेक्शन ही है;
  • आपको यकीन न हो कि यह यीस्ट इन्फेक्शन है, या डिस्चार्ज का रंग बदल गया हो या उसमें गंध आ गई हो;
  • इलाज से 7–14 दिन में फ़ायदा न हो या लक्षण जल्दी-जल्दी लौट आएँ;
  • यीस्ट इन्फेक्शन बार-बार होता हो (एक प्रेगनेंसी में कई बार या साल में 4 या उससे ज़्यादा बार);
  • चिंताजनक संकेत दिखें: बुखार, पेट के निचले हिस्से या पेल्विस में दर्द, या खून वाला डिस्चार्ज — ऐसे में बिना देर किए मदद लें।

मुख्य बातें

  • प्रेगनेंसी में यीस्ट इन्फेक्शन कैंडिडा फंगस का बढ़ना है; हार्मोन, pH में बदलाव और इम्यूनिटी के बदलाव की वजह से यह अक्सर होता है और इसमें आपकी कोई गलती नहीं।
  • आम लक्षण हैं — पनीर जैसा सफेद डिस्चार्ज, खुजली, जलन और लालिमा; जबकि प्रेगनेंसी का सामान्य डिस्चार्ज बिना खुजली और गंध के होता है।
  • मिलती-जुलती शिकायतें बैक्टीरियल वेजिनोसिस और यौन संक्रमणों में भी होती हैं, इसलिए पहली बार होने पर डॉक्टर से पुष्टि कराना बेहतर है।
  • प्रेगनेंसी में यीस्ट इन्फेक्शन का इलाज कैसे करें: पहली पसंद हैं क्लोट्रिमाज़ोल/माइकोनाज़ोल वाली लोकल वजाइनल टैबलेट और क्रीम; मुँह से ली जाने वाली गोली (फ्लुकोनाज़ोल) आम तौर पर टाली जाती है और सिर्फ़ डॉक्टर के बताने पर ली जाती है।
  • शिशु के लिए यीस्ट इन्फेक्शन आम तौर पर सुरक्षित है; कभी-कभार डिलीवरी में नवजात को लग जाता है और आसानी से ठीक हो जाता है।
  • पहली बार होने पर, फ़ायदा न होने पर, बार-बार होने पर या शक होने पर डॉक्टर से ज़रूर मिलें।

ज़रूरी बात: यह सामान्य जानकारी है, डॉक्टर की निजी सलाह का विकल्प नहीं। प्रेगनेंसी के दौरान किसी भी लक्षण और इलाज के चुनाव के बारे में अपने डॉक्टर या नर्स-मिडवाइफ़ से ज़रूर बात करें।

AI की सहायता से बनाया गया और Mama Ai टीम द्वारा समीक्षित। शैक्षिक जानकारी — यह पेशेवर चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है।

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