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प्रेगनेंसी में चक्कर आना: कारण और क्या करें

प्रेगनेंसी में चक्कर क्यों आता है, कौन-सी वजहें सुरक्षित हैं और कब डॉक्टर की ज़रूरत है — साथ ही जानें कि चक्कर और कमज़ोरी से जल्दी राहत पाने के लिए क्या करें।

Mama Ai टीम

अपडेट किया 8 जुलाई 2026 7 मिनट पढ़ना
प्रेगनेंसी में चक्कर आना: कारण और क्या करें

हल्का चक्कर आना, जी मिचलाना या ऐसा महसूस होना कि अभी आँखों के आगे अँधेरा छा जाएगा — यह होने वाली माँओं की सबसे आम शिकायतों में से एक है। प्रेगनेंसी में चक्कर आना ज़्यादातर शरीर में हो रहे स्वाभाविक बदलावों से जुड़ा होता है और अधिकांश मामलों में यह खतरनाक नहीं होता। लेकिन कभी-कभी यह इस बात का संकेत भी हो सकता है कि आपके शरीर को थोड़ी मदद की ज़रूरत है। आगे हम समझेंगे कि सिर क्यों घूमता है, कौन-सी वजहें सामान्य मानी जाती हैं, अभी राहत पाने के लिए क्या करें, और किन स्थितियों में बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

प्रेगनेंसी में चक्कर क्यों आता है?

यह समझने के लिए कि सिर क्यों घूमता है, यह जानना मददगार होता है कि इस दौरान शरीर में क्या हो रहा है। शुरुआती हफ्तों से ही प्रोजेस्टेरोन (progesterone) नाम का हार्मोन रक्त वाहिकाओं की दीवारों को ढीला और चौड़ा कर देता है। इसकी वजह से ब्लड प्रेशर थोड़ा कम हो जाता है और खून को दिमाग तक पहुँचने में थोड़ा ज़्यादा समय लगता है। इसके साथ ही शरीर में खून की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ती है, दिल पहले से ज़्यादा मेहनत करता है और गर्भाशय बड़ा होता जाता है — पूरा हृदय और रक्त संचार तंत्र नई परिस्थितियों के हिसाब से खुद को ढाल रहा होता है। ये सामान्य बदलाव हैं, लेकिन इन्हीं की वजह से वह हल्का-सा चक्कर आता है।

इस दौरान खून पैरों में आसानी से "जमा" हो जाता है — खासकर जब आप देर तक खड़ी रहती हैं या अचानक अपनी स्थिति (position) बदलती हैं। एक पल के लिए दिमाग तक पर्याप्त खून नहीं पहुँच पाता और चक्कर आ जाता है। ज़्यादातर मामलों में यही सबसे आम, और साथ ही पूरी तरह सुरक्षित वजह होती है।

क्या चक्कर आना प्रेगनेंसी का लक्षण है?

कभी-कभी हल्का चक्कर सचमुच बहुत शुरुआती दिनों में, पीरियड मिस होने से भी पहले, थकान और मतली के साथ आने लगता है। लेकिन अकेले चक्कर आना प्रेगनेंसी का भरोसेमंद लक्षण नहीं है: ठीक इसी तरह सिर थकान, भूख, कम ब्लड प्रेशर या पीरियड से पहले भी घूम सकता है। प्रेगनेंसी की पुष्टि सिर्फ प्रेगनेंसी टेस्ट और डॉक्टर की जाँच से ही हो सकती है। अगर टेस्ट पॉज़िटिव है और बीच-बीच में चक्कर आते हैं, तो यह अक्सर पहली तिमाही में होने वाले सामान्य हार्मोनल बदलावों का ही हिस्सा होता है।

प्रेगनेंसी में चक्कर आने के आम कारण

आइए उन आम स्थितियों को समझें जिनमें चक्कर आता है। नीचे दी गई वजहें आमतौर पर खतरनाक नहीं होतीं, और आदतों में छोटे-छोटे बदलाव इनसे निपटने में मदद करते हैं।

अचानक खड़े हुए — ब्लड प्रेशर का गिरना

अगर खड़े होने पर चक्कर आता है — बिस्तर या कुर्सी से उठते समय — तो इसकी वजह अक्सर ऑर्थोस्टैटिक हाइपोटेंशन (position बदलने पर ब्लड प्रेशर का अचानक गिर जाना) होती है। खून सिर तक समय पर नहीं पहुँच पाता और कुछ सेकंड के लिए चक्कर-सा आ जाता है। अगर उठते समय चक्कर आता है तो क्या करें: धीरे-धीरे उठें — पहले बिस्तर के किनारे बैठें, कुछ सेकंड बैठी रहें और उसके बाद ही खड़ी हों। सुबह के समय झटके से न उठें।

पीठ के बल लेटने पर चक्कर आना

प्रेगनेंसी के दूसरे हिस्से में, जब आप पीठ के बल लेटती हैं तब सिर घूम सकता है। बड़ा हो चुका गर्भाशय उस बड़ी नस (निचली महाशिरा, inferior vena cava) पर दबाव डालता है जिससे खून वापस दिल तक लौटता है — दिमाग तक खून का प्रवाह कम हो जाता है और कमज़ोरी व चक्कर महसूस होने लगते हैं। इस स्थिति को वेना कावा कंप्रेशन सिंड्रोम कहते हैं। इसका उपाय आसान है: देर तक पीठ के बल न लेटें और करवट लेकर लेटें, बेहतर होगा कि बाईं करवट। कौन-सी पोज़िशन सबसे आरामदायक और सुरक्षित हैं, यह हमने अपने लेख प्रेगनेंसी में किस साइड सोना चाहिए में बताया है।

भूख, लो ब्लड शुगर और डिहाइड्रेशन

खाने के बीच लंबे अंतराल से खून में शुगर का स्तर गिर जाता है — और सिर घूमने लगता है। यही बात डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) और ज़्यादा गर्मी लगने पर भी होती है: भरी-घुटन भरी बस-ट्रेन में, गर्म पानी से नहाते समय, सॉना में या तेज़ धूप-गर्मी में। कुछ आसान आदतें मदद करती हैं: हर कुछ घंटों में थोड़ा-थोड़ा खाएँ, हमेशा अपने साथ कोई हल्का नाश्ता रखें (मेवे, कोई फल, बिस्किट या दही) और दिन भर पर्याप्त पानी पिएँ।

Healthy snacks — nuts, apple slices, crackers and yogurt — beside a glass of water

एनीमिया और कम हीमोग्लोबिन

कम हीमोग्लोबिन (एनीमिया) प्रेगनेंसी में चक्कर आने की एक और आम वजह है। जब शरीर में आयरन की कमी हो जाती है, तो ऊतकों और दिमाग तक कम ऑक्सीजन पहुँचती है, जिससे कमज़ोरी, चेहरे का पीलापन, साँस फूलना और वही चक्कर महसूस होते हैं। इस बारे में विस्तार से हमने प्रेगनेंसी में एनीमिया और कम हीमोग्लोबिन वाले लेख में बताया है। डॉक्टर ब्लड टेस्ट करवा सकते हैं और ज़रूरत पड़ने पर आयरन की दवाएँ भी दे सकते हैं।

मॉर्निंग सिकनेस और पहली तिमाही

पहली तिमाही में चक्कर अक्सर मतली के साथ-साथ चलता है। उल्टी और जी मिचलाना (मॉर्निंग सिकनेस) की वजह से ठीक से खाना-पीना मुश्किल हो जाता है, और इस दौरान हार्मोनल व रक्त वाहिकाओं से जुड़े बदलाव भी सबसे ज़्यादा होते हैं — इसीलिए चक्कर आते हैं। आमतौर पर दूसरी तिमाही की शुरुआत तक, जब शरीर नई स्थिति का अभ्यस्त हो जाता है, चक्कर कम परेशान करते हैं।

घुटन, घबराहट और तेज़ साँस लेना

तंग और घुटन भरा कमरा, भीड़, ज़्यादा घबराहट और तेज़-उथली साँस लेना (हाइपरवेंटिलेशन) भी चक्कर की वजह बन सकते हैं। ऐसे में खुली हवा में जाना, बैठ जाना, कंधों को ढीला छोड़ देना और धीरे व गहरी साँस लेना मदद करता है।

चक्कर के साथ जी मिचलाना — इसका क्या मतलब है?

"चक्कर आना और जी मिचलाना" का यह मेल कई लोगों को डरा देता है, लेकिन प्रेगनेंसी में इसकी वजह अक्सर वही होती है: कम ब्लड प्रेशर, भूख, मॉर्निंग सिकनेस या घुटन। चक्कर और मतली एक साथ होने का मतलब आमतौर पर यही होता है कि शरीर को कुछ देर के लिए खून, खाने या ताज़ी हवा की कमी हो रही है। अगर यह बार-बार होता है लेकिन खाने और आराम करने के बाद ठीक हो जाता है, तो आमतौर पर घबराने की बात नहीं। ध्यान देना ज़रूरी है अगर तेज़ सिर दर्द हो, आँखों के आगे धब्बे या चमकते बिंदु दिखें, या आराम करने पर भी चक्कर न रुके — ऐसे संकेतों के बारे में आगे बताएँगे।

चक्कर आने पर क्या करें: तुरंत राहत और बचाव

अच्छी खबर यह है: प्रेगनेंसी में चक्कर को लेकर आप खुद बहुत कुछ कर सकती हैं। यहाँ बताया गया है कि घर पर चक्कर से जल्दी राहत कैसे पाएँ और इसे दोबारा होने से कैसे रोकें।

अगर अभी चक्कर महसूस हो रहा है

  • तुरंत बैठ जाएँ या लेट जाएँ, ताकि आप गिरें नहीं और चोट न लगे।
  • अगर लेटी हैं — करवट ले लें, बेहतर होगा बाईं करवट; अगर बैठी हैं — सिर को नीचे, घुटनों की ओर झुका लें।
  • पैरों को थोड़ा ऊँचा उठाएँ, ताकि खून सिर की ओर पहुँचे।
  • तंग कपड़े ढीले कर लें, खिड़की खोल दें या किसी से मदद माँगें।
  • पानी पिएँ और कुछ खा लें: कोई हल्का नाश्ता या कुछ मीठा।
  • इसके बाद उठते समय धीरे-धीरे उठें — पहले कुछ देर बैठें, फिर आराम से खड़ी हों।
Pregnant woman resting in an armchair holding a glass of water

चक्कर आने से कैसे बचें

  • उठते समय और स्थिति बदलते समय धीरे-धीरे, बिना झटके के करें।
  • देर तक पीठ के बल न लेटें — करवट लेकर आराम करें और सोएँ।
  • थोड़ा-थोड़ा लेकिन बार-बार खाएँ, और कोई हल्का नाश्ता पास रखें।
  • पर्याप्त पानी पिएँ, खासकर गर्मी में।
  • गर्म पानी से नहाना, सॉना, घुटन भरे कमरे और देर तक खड़े रहने से बचें।
  • मौसम के हिसाब से कपड़े पहनें और ज़्यादा गर्मी लगने से बचने की कोशिश करें।
  • आरामदायक जूते-चप्पल पहनें और अचानक झुकने से बचें।

डॉक्टर से कब मिलें: चेतावनी के संकेत

प्रेगनेंसी में चक्कर के ज़्यादातर मामले सुरक्षित होते हैं, लेकिन कुछ लक्षणों का मेल जल्दी जाँच की माँग करता है। अगर चक्कर के साथ नीचे दिए लक्षण भी हों, तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें या तुरंत आपातकालीन (emergency) मदद लें:

  • योनि से खून के धब्बे या रक्तस्राव (bleeding);
  • पेट के निचले हिस्से में तेज़ दर्द;
  • तेज़ या असामान्य सिर दर्द, आँखों के आगे धब्बे, चमकते बिंदु या नज़र से जुड़ी कोई और गड़बड़ी;
  • तेज़ या अनियमित धड़कन, सीने में दर्द, साँस फूलना;
  • सचमुच बेहोश हो जाना — होश खो देना;
  • ऐसा चक्कर जो लेटने और आराम करने पर भी न जाए।

ऐसे लक्षण एनीमिया, बहुत कम या बहुत ज़्यादा ब्लड प्रेशर, प्रीक्लेम्पसिया (preeclampsia), दिल की धड़कन की गड़बड़ी या — शुरुआती दिनों में — एक्टोपिक प्रेगनेंसी (गर्भाशय के बाहर गर्भ ठहरना) की ओर इशारा कर सकते हैं। इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि आपको ज़रूर कोई गंभीर समस्या है, लेकिन इसकी जाँच बिना देर किए करा लेनी चाहिए। अगर आप बेहोश हो गई थीं, तो जल्दी होश में आ जाने पर भी इसके बारे में अपने डॉक्टर को ज़रूर बताएँ।

मुख्य बातें संक्षेप में

  • प्रेगनेंसी में चक्कर आना आम और आमतौर पर सुरक्षित बात है, जो हार्मोन और ब्लड प्रेशर के स्वाभाविक रूप से कम होने से जुड़ी होती है।
  • सिर अक्सर तब घूमता है जब आप अचानक खड़ी होती हैं, देर तक पीठ के बल लेटती हैं, भूखी होती हैं, शरीर में पानी की कमी हो या ज़्यादा गर्मी लग जाए।
  • धीरे-धीरे उठना, करवट लेकर सोना, थोड़ा-थोड़ा बार-बार खाना, पानी पीना और ठंडक में रहना मदद करता है।
  • चक्कर के पहले संकेत पर बैठ या लेट जाएँ, सिर नीचे झुकाएँ और पैर थोड़ा ऊँचे कर लें।
  • तुरंत डॉक्टर के पास जाएँ — अगर चक्कर के साथ रक्तस्राव, पेट दर्द, तेज़ सिर दर्द, नज़र की गड़बड़ी, तेज़ धड़कन, साँस फूलना या बेहोशी हो।

यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है और किसी डॉक्टर की व्यक्तिगत सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी चिंताजनक लक्षण या संदेह की स्थिति में अपने प्रसूति-स्त्री रोग विशेषज्ञ (gynecologist) से ज़रूर संपर्क करें।

AI की सहायता से बनाया गया और Mama Ai टीम द्वारा समीक्षित। शैक्षिक जानकारी — यह पेशेवर चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है।

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